Saturday, October 25, 2025

गोपाष्टमी: गायों के प्रति श्रद्धा और खुशियों का त्यौहार

 गोपाष्टमी का त्यौहार कार्तिक शुक्ल अष्टमी को मनाया जाता है। यह दिन खास तौर पर गायों के सम्मान और उनकी पूजा के लिए समर्पित होता है। सनातन धर्म में गाय को माता का रूप माना गया है और इस दिन उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करना अत्यंत शुभ माना जाता है।


प्रातःकाल की पूजा

गायों का स्नान कराना गोपाष्टमी का पहला महत्वपूर्ण कर्म है। सुबह-सुबह गायों को साफ पानी से स्नान कराएं और उन्हें गंध-पुष्प, हल्दी-चंदन जैसे सामग्रियों से सजाएं।

इसके बाद उनका पूजन करें। इस दौरान गायों के साथ ग्वालों (गोपालों) का भी सम्मान किया जाता है। पूजा के समय गायों को हरी घास, चारा या गोग्रास देना शुभ माना जाता है।

परिक्रमा और आशीर्वाद

गायों को भोजन देने और सजाने के बाद उनके चारों ओर परिक्रमा करें। यदि थोड़ी दूरी तक उनके साथ चलते हैं, तो ऐसा करने से सभी प्रकार की मनोकामनाएँ पूरी होती हैं और घर में सुख-शांति आती है।

संध्या में स्वागत और पूजा

संध्या के समय, जब गायें चरकर वापस आती हैं, तो उनका स्वागत विशेष रूप से किया जाता है। उन्हें भोजन कराएं और पञ्चोपचार पूजन करके उनका सम्मान करें।

गायों की चरणरज को माथे पर लगाना शुभ माना जाता है। इससे घर में सौभाग्य और समृद्धि बढ़ती है।

गोपाष्टमी का महत्व

गोपाष्टमी न सिर्फ गायों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का दिन है, बल्कि यह दिन हमारे जीवन में सौभाग्य, समृद्धि और शांति लाने वाला माना गया है। गायों के सम्मान से परिवार में खुशहाली बढ़ती है और मन में एक सुकून का अनुभव होता है। #गोपाष्टमी #Gopashtami #गौमाता #GaumataKiJai #गौसेवा #CowWorship #HinduFestival #SpiritualIndia #गौपूजन #IndianTradition #BhaktiVibes #SanatanSanskriti #Gaupooja #GopashtamiCelebration #DivineCulture #SanatanDharma #सनातन #पवित्रता #ध्यान #मंत्र #पूजा #व्रत #धार्मिकअनुष्ठान #संस्कार #ऋभुकान्त_गोस्वामी #RibhukantGoswami #Astrologer #Astrology #LalKitab #लाल_किताब #PanditVenimadhavGoswami

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