भारतीय परंपराओं में श्राद्ध केवल पितरों को तृप्त करने का साधन नहीं है, बल्कि कुछ विशेष श्राद्ध ऐसे भी बताए गए हैं जो आत्माओं को भयावह लोकों में जाने से रोकते हैं। इन्हीं में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण कर्म है — पिशाच-मोचन श्राद्ध।
यह श्राद्ध नाम जितना भारी लगता है, उद्देश्य उतना ही सरल है—
जीव को पिशाच-योनि जैसी पीड़ादायक स्थिति से बचाना।
1. मार्गशीर्ष शुक्ल 14 : काशी में किया जाने वाला पिशाच-मोचन श्राद्ध
कपर्दीश्वर महादेव के समीप श्राद्ध-कर्म
शास्त्रों में वर्णन है कि मार्गशीर्ष माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को यह श्राद्ध किया जाता है।
इस दिन काशी में कपर्दीश्वर महादेव के पास जाकर स्नान करने का विशेष विधान बताया गया है।
कई पुराने पंडित बताते हैं कि उस क्षेत्र का वातावरण ही ऐसा है कि श्राद्ध-कर्म बड़ी सहजता से पूर्ण हो जाता है, शायद काशी के दिव्य आशीर्वाद के कारण।
पूजा और भोजन-दान
स्नान के बाद नियमानुसार पूजा की जाती है और फिर वहीं भोजन-दान (भोजन का वितरण) किया जाता है।
यहाँ भोजन करवाना साधारण दान नहीं माना जाता—
यह कर्म उस आत्मा को पिशाच-योनि में जाने से बचाने का एक शुभ उपाय माना गया है।
पुरुषार्थ-चिन्तामणि (247–248) और स्मृतिकौस्तुभ (108) में इसका उल्लेख मिलता है, जिससे इसका महत्व स्पष्ट होता है।
2. चैत्र शुक्ल 14 अगर मंगलवार को पड़े : तब होता है एक विशेष पिशाच-मोचन श्राद्ध
गंगास्नान का विधान
कभी-कभी संयोग ऐसा बनता है कि चैत्र शुक्ल चतुर्दशी मंगलवार को आ जाती है।
शास्त्रों में बताया गया है कि ऐसे दुर्लभ योग में गंगा में स्नान करना चाहिए।
गंगा-स्नान स्वयं में ही एक शुद्धिकरण है, और इस दिन तो इसका फल और बढ़ जाता है।
ब्रह्मभोज
स्नान के बाद ब्राह्मणों को भोजन कराया जाता है।
यह ब्रह्मभोज पिशाच-मोचन श्राद्ध का अत्यंत आवश्यक भाग माना जाता है।
कहा गया है कि इससे पितरों को शांति मिलती है और कर्ता स्वयं तथा उसका कुल पिशाच-योनि से सुरक्षित रहता है।
समापन — पिशाच-मोचन श्राद्ध क्यों किया जाता है?
हमारे शास्त्र जीवन के हर पहलू को छूते हैं।
कभी-कभी आत्मा पिछले कर्मों के कारण कठिन लोकों में भटक सकती है।
ऐसे समय में यह विशेष श्राद्ध एक रक्षा-कवच की तरह माना गया है—
पितरों की मुक्ति, परिवार की सुरक्षा और नकारात्मक शक्तियों से बचाव… सब एक साथ।
आज भले लोग इसके बारे में कम जानते हों, पर यह कर्म उन गिने-चुने श्राद्धों में है जिनके परिणाम सीधे आत्मिक मुक्ति से जुड़े बताए गए हैं। #PishachMochanShraddha #PishachMochan #HinduRituals #KashiDham #KapardishwarMahadev #MargashirshaShukla #ChaitraShukla #BrahmBhoj #PitrShraddha #SanatanSanskriti #DharmGranth #AncientTraditions #GangaSnan #HinduCulture #PitrShanti #SanatanDharma #सनातन #पवित्रता #ध्यान #मंत्र #पूजा #व्रत #धार्मिकअनुष्ठान #संस्कार #ऋभुकान्त_गोस्वामी #RibhukantGoswami #Astrologer #Astrology #LalKitab #लाल_किताब #PanditVenimadhavGoswami
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