माघ महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को कुन्दचतुर्थी मनाई जाती है। यह व्रत बहुत ज़्यादा दिखावे वाला नहीं है, बल्कि सादगी, नियम और भाव से जुड़ा हुआ पर्व माना जाता है। गाँव-कस्बों में इसे आज भी परंपरागत ढंग से मनाया जाता है, जहाँ बातें कम और भाव ज़्यादा होते हैं।
कुन्दचतुर्थी को गौरीचतुर्थी क्यों कहते हैं
कई स्थानों पर कुन्दचतुर्थी को गौरीचतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन देवी गौरी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि यह तिथि स्त्रियों के सौभाग्य, गृहशांति और पारिवारिक सुख से जुड़ी हुई है। शायद इसी कारण इसे महिलाओं का विशेष व्रत भी कहा जाता है।
व्रत की मुख्य विधि: उपवास का महत्व
इस व्रत की सबसे अहम बात है — चतुर्थी के दिन उपवास।
कई लोग फलाहार करते हैं, तो कुछ केवल एक समय भोजन करते हैं। यहाँ ज़्यादा नियमों की जटिलता नहीं है, बस मन और तन से संयम ज़रूरी माना गया है। बुज़ुर्ग अक्सर कहते हैं कि “जितना सादा व्रत, उतना गहरा फल।”
कुन्द के फूल और दान की परंपरा
कुन्दचतुर्थी में कुन्द के फूलों का विशेष महत्व बताया गया है। इसके साथ-साथ साग, नमक, शक्कर, जीरा जैसी साधारण चीज़ों का दान किया जाता है।
यह दान विशेष रूप से कुमारियों को देने की परंपरा है। माना जाता है कि इन दानों से जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्य बढ़ता है।
कई घरों में आज भी ये चीज़ें सुबह-सुबह अलग रख ली जाती हैं, और पूजा के बाद किसी ज़रूरतमंद या कन्या को दे दी जाती हैं।
धार्मिक मान्यताएँ और लोकविश्वास
शास्त्रों में इस व्रत का उल्लेख मिलता है, लेकिन लोकजीवन में इसकी पहचान अनुभवों से बनी है। लोगों का विश्वास है कि कुन्दचतुर्थी का व्रत करने से
दांपत्य जीवन में मधुरता आती है
घर का वातावरण शांत रहता है
स्त्रियों को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है
हालाँकि हर घर की परंपरा थोड़ी अलग हो सकती है, पर भाव सबका एक-सा ही होता है।
आज के समय में कुन्दचतुर्थी
आज की तेज़ ज़िंदगी में ऐसे छोटे व्रत हमें ठहरना सिखाते हैं। कुन्दचतुर्थी कोई भारी-भरकम पर्व नहीं है, फिर भी इसकी सादगी में एक अलग शांति छुपी है।
थोड़ा सा उपवास, थोड़ा सा दान और मन में श्रद्धा — बस यही इसका सार है।
शायद इसी कारण यह व्रत पीढ़ियों से चलता आ रहा है, बिना शोर-शराबे के, बिल्कुल अपने तरीके से। #कुन्दचतुर्थी #गौरीचतुर्थी #माघमास #हिंदूव्रत #देवीपूजन #भारतीयपरंपरा #व्रतकथा #सनातनधर्म #धार्मिकमान्यताएं #सौभाग्यव्रत #हिंदूसंस्कृति #भारतीयरीतिरिवाज #व्रतऔरउपवास #SanatanDharma #सनातन #पवित्रता #ध्यान #मंत्र #पूजा #व्रत #धार्मिकअनुष्ठान #संस्कार #ऋभुकान्त_गोस्वामी #RibhukantGoswami #Astrologer #Astrology #LalKitab #लाल_किताब #PanditVenimadhavGoswami
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