सफला एकादशी सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र और फलदायी मानी जाती है। पौष मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली यह एकादशी, मनोकामनाओं की पूर्ति और हर कार्य में सफलता प्रदान करने के लिए जानी जाती है। इस दिन भगवान अच्युत (विष्णु) की विशेष उपासना का विधान बताया गया है। नीचे इस व्रत का महत्व, विधि और इससे जुड़े आध्यात्मिक अनुभवों को सरल भाषा में समझाया गया है।
सफला एकादशी का महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस एकादशी का पालन करने से मनुष्य के रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं और जीवन में सौभाग्य का उदय होता है।
यह दिन साधकों को मन की शांति और आध्यात्मिक बल प्रदान करता है। इसी कारण इसका नाम ही ‘सफला’ अर्थात सफलता देने वाली एकादशी पड़ गया।
व्रत का शुभ समय और तिथि
मास: पौष (दिसंबर–जनवरी)
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: एकादशी
इस तिथि पर सुबह से ही घर में पवित्रता और शांत वातावरण बनाने का विशेष ध्यान रखा जाता है।
व्रत करने की विधि
1. प्रातः काल स्नान और संकल्प
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। थोड़ी ठंड भी लग सकती है लेकिन यही तो पौष महीने की बात है। स्नान के बाद भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प करें।
2. अच्युत भगवान की पूजा
स्वच्छ स्थान पर चित्र या प्रतिमा स्थापित करें।
दीपक जलाएँ
भगवान की आरती करें
फल, मिठाई या घर में बना शुद्ध भोग अर्पित करें
थोड़ी देर शांति से बैठकर मंत्र या नामस्मरण करें।
3. दान–पुण्य का महत्व
इस दिन ब्राह्मणों या किसी जरूरतमंद को भोजन करवाना बेहद शुभ माना जाता है।
यदि भोजन संभव न हो तो कपड़े, फल या थोड़ी सी राशि भी दान की जा सकती है। मन की भावना ही सबसे बड़ी चीज़ है।
रात्रि जागरण और कीर्तन
रोज़मर्रा में तो कई लोग जल्दी सो जाते हैं, लेकिन सफला एकादशी की रात जागरण का विशेष महत्व है।
भजन–कीर्तन
विष्णु सहस्रनाम
भगवान के नाम का जाप
इनसे व्रत का फल और भी बढ़ जाता है। घर में आध्यात्मिक माहौल बन जाता है और मन एक अलग ही शांति का अनुभव करता है।
सफला एकादशी का फल
इस व्रत को पूरे नियम से करने पर यह माना गया है कि:
कार्य सिद्धि होती है
मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं
नकारात्मकता दूर होती है
जीवन में सौभाग्य और सफलता बढ़ती है
शास्त्रों में कहा गया है कि यह एकादशी मनुष्य को हर दिशा में उन्नति प्रदान करती है।
निष्कर्ष
सफला एकादशी केवल एक धार्मिक व्रत नहीं, बल्कि मन को अनुशासित करने और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का उत्कृष्ट अवसर है। इस दिन की गई पूजा, दान और कीर्तन साधक के जीवन में सुख, शांति और सफलता का मार्ग खोलते हैं।
यदि आप भी अपने जीवन में नए संकल्पों और शुभ शुरुआत की चाह रखते हैं, तो इस व्रत का पालन अवश्य करें। #सफलाएकादशी #एकादशीव्रत #धार्मिकव्रत #भगवानविष्णु #अच्युतपूजा #पौषमास #आध्यात्मिकमार्ग #व्रतकाविधान #धर्मऔरआस्था #भजनकीर्तन #पुण्यफल #सनातनधर्म #व्रतकाथान #सफलताकाव्रत #SanatanDharma #सनातन #पवित्रता #ध्यान #मंत्र #पूजा #व्रत #धार्मिकअनुष्ठान #संस्कार #ऋभुकान्त_गोस्वामी #RibhukantGoswami #Astrologer #Astrology #LalKitab #लाल_किताब #PanditVenimadhavGoswami
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